अंतरराष्ट्रीय Mahila Diwas मनाने का उद्देश्य समाज में महिलाओं को बराबरी का हक दिलाना साथ ही किसी भी क्षेत्र में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को रोकने के मकसद से भी इस दिवस को मनाया जाता है। यह दिन महिलाओं के सम्मान, अधिकारों और उनके योगदान को पहचान देने के लिए समर्पित है। समाज, परिवार और राष्ट्र निर्माण में महिलाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है। महिला दिवस हमें यह याद दिलाता है कि महिलाओं को समान अवसर, सम्मान और सुरक्षा मिलना चाहिए। इस दिन महिलाओं के अधिकारों की तरफ लोगों का ध्यान आकर्षित करने और उन्हें जागरूक करने के मकसद से कई कार्यक्रम और कैंपेन भी आयोजित किए जाते हैं।
पूरे विश्व में 8 दिसंबर को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस (International womens day) के तौर पर मनाया जा रहा है। यहां हम आपके लिए एक ऐसा ही निबंध लाए हैं। जिससे आप अपने लिए एक अनुमान लगा सकते हैं कि Mahila diwas essay in hindi पर किस तरह का निबंध लिखना चाहिए और अपने लिए महिला दिवस का निबंध 100, 150, 250 या 500 शब्दों में जरूरत के अनुसार तैयार करें।
Mahila diwas essay in hindi
महिला दिवस (Mahila Diwas) प्रतिवर्ष 8 मार्च को मनाया जाता है। सर्वप्रथम इस दिवस को मनाने की शुरुआत वर्ष 1908 में हुई थी। जब न्यूयॉर्क शहर में 15 हज़ार महिलाओं ने काम के घंटे कम करने, बेहतर वेतन और वोट देने की मांग के साथ विरोध प्रदर्शन निकाला था। महिला दिवस की शुरुआत 20वीं शताब्दी में महिलाओं के अधिकारों के लिए हुए आंदोलनों से हुई। सबसे पहले 1908 में अमेरिका में महिलाओं ने अपने अधिकारों और बेहतर कार्य परिस्थितियों की मांग की। इसके बाद 1910 में कोपेनहेगन में आयोजित अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में महिला दिवस मनाने का प्रस्ताव रखा गया। 1975 में United Nations ने आधिकारिक रूप से 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के रूप में मान्यता दी।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस को United Nations की मान्यता
साल 1911 में पहली बार ऑस्ट्रिया, जर्मनी, डेनमार्क और स्विट्जरलैंड में महिला दिवस मनाए जाने की शुरुआत हुई। साल 1975 में संयुक्त राष्ट्र (UN) की ओर से इसे आधिकारिक मान्यता देने के बाद इसे पूरी दुनिया में मनाया जाने लगा। इस दिन के लिए हर साल एक खास थीम भी दी जाती है।
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महिला सशक्तिकरण का महत्व
महिला सशक्तिकरण का अर्थ है महिलाओं को आत्मनिर्भर और आत्मविश्वासी बनाना। मतलब महिलाओं को उनके अधिकार, अवसर और समानता देना ताकि वे स्वतंत्र रूप से निर्णय ले सकें और समाज में अपनी पूर्ण क्षमता से भागीदारी दिखा सकें। जब महिलाएं शिक्षित और सशक्त होती हैं, तो पूरा समाज प्रगति की और बढ़ता है। बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ जैसी योजनाएं महिलाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। समाज में समानता और सम्मान तभी संभव है जब महिलाओं को समान अधिकार और अवसर दिए जाएं।
महिला सशक्तिकरण के लिए उठाए गए कदम
भारत में सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण को लेकर कई सारे कदम उठाए जा चुके हैं। सरकार और कई सामाजिक संगठन महिलाओं की स्थिति में सुधार को लेकर कई कदम उठा रहे हैं जैसे:-
- बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ – इस योजना का उद्देश्य लड़कियों की शिक्षा को बढ़ावा देना और उनके अधिकारों की रक्षा करना है।
- सुकन्या समृद्धि योजना – इस योजना से माता-पिता अपनी बेटियों के भविष्य के लिए बचत कर सकते हैं।
- महिला हेल्पलाइन 1091 – यह हेल्पलाइन महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए चलाई गई है।
- उज्ज्वला योजना – इस योजना के तहत गरीब परिवारों की महिलाओं को मुफ्त एलपीजी गैस कनेक्शन दिया जाता है।
निष्कर्ष
महिला दिवस केवल एक दिन का उत्सव नहीं, बल्कि महिलाओं के अधिकारों और सम्मान की निरंतर लड़ाई का प्रतीक है। हमें चाहिए कि हम हर दिन महिलाओं का सम्मान करें और उनके अधिकारों की रक्षा करें। एक सशक्त महिला ही एक सशक्त समाज और सशक्त राष्ट्र का निर्माण करती है। दोस्तों अगर आपको ये लेख Mahila diwas essay in hindi अच्छा लगा हो तो इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करे।









